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हेल्थकेयर लिए आयुष्मान भारत और ऊबर ने साझेदारी की
हितग्राहियों को देष में 15000 एम्पैनल्ड पब्लिक/प्राईवेट हॉस्पिटलों में कैषलेस इलाज का फायदा मिलेगा
नई दिल्ली : दुनिया की सबसे बड़ी ऑन-डिमांड राईड षेयरिंग कंपनी, ऊबर और दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना, आयुश्मान भारत ने आज ऊबर प्लेटफॉर्म द्वारा आजीविका कमाने वाले हजारों ड्राईवर और डिलीवरी पार्टनरों को फ्री हेल्थकेयर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पार्टनरषिप की घोशणा की। नेषनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) के साथ हस्ताक्षर किए गए.
समझौतापत्र (एमओयू) के अनुसार, ऊबर, ड्राईवर एवं डिलीवरी पार्टनरों के लिए अपने ऊबर केयर अभियान के तहत भारत में पार्टनर्स सेवा केंद्रों पर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) स्थापित करेगा। इन केंद्रों पर सीएससी के ग्रामीण स्तर के उद्यमी (वीएलई) पात्रता की जाँच करेंगे और आयुश्मान भारत योजना के लिए ड्राईवर एवं डिलीवरी पार्टनरों को ई कार्ड जारी करेंगे, जिसमें हर पात्र परिवार को हर साल सरकारी एवं एम्पैनल्ड प्राईवेट हॉस्पिटलों में 500,000 रु. मूल्य के हेल्थकेयर के फायदे या फ्री सेकंडरी और टर्षियरी इलाज प्रदान किया जाएगा।
इस साझेदारी के बारे में, डॉ. इंदु भूशण, सीईओ, आयुश्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं नेषनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) ने कहा, ‘‘आयुश्मान भारत पीएम-जेएवाई का मुख्य उद्देष्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचकर उसे भी गंभीर बीमारियों के लिए इनपेषेंट केयर प्रदान करना है, ताकि देष के 10 करोड़ से ज्यादा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों या 50 करोड़ लोगों को हेल्थकेयर के भारी खर्च से बचाया जा सके, जिसकी वजह से हर साल 6 करोड़ से ज्यादा लोग अपनी जमापूंजी से हाथ धो बैठते हैं। ऊबर के साथ इस साझेदारी द्वारा हमें उम्मीद है कि हम ड्राईवर एवं डिलीवरी समुदाय में लाखों लोगों और उनके परिवारों तक पहुंचेंगे और उन्हें इस परिवर्तनकारी योजना का लाभ प्रदान करके आर्थिक सुरक्षा और अपना स्वास्थ्य सुरक्षित करने में मदद करेंगे।’’
ड्राईवर और डिलीवरी पार्टनर्स को आयुश्मान भारत कार्ड प्राप्त करने के लिए केवल 30 रु. का षुल्क देना होगा और इसके बाद उन्हें इस योजना के तहत आने वाली सेवाएं आसानी से प्राप्त हो जाएंगी। उन्हें प्रि-हॉस्पिटलाईज़ेषन, हॉस्पिटलाईज़ेषन या पोस्ट-हॉस्पिटलाईज़ेषन खर्चों के लिए कोई भी षुल्क या प्रीमियम नहीं देना पड़ेगा, क्योंकि ये सारे खर्चे इस योजना के तहत कवर्ड हैं।
हर एम्पैनल्ड हॉस्पिटल में ‘प्रधान मंत्री आयुश्मान मित्र’ या फ्रंटलाईन हेल्थकेयर वर्कर होंगे, जो मरीजों को अस्पताल में उनके इलाज और देखभाल में सहयोग करेंगे। वो एक हेल्पडेस्क भी चलाते हैं और योजना की पात्रता के सत्यापन के लिए दस्तावेजों की जाँच करते हैं।
इस उल्लेखनीय पार्टनरषिप के बारे में प्रदीप परमेष्वरन, प्रेसिडेंट, ऊबर, इंडिया एवं साउथ एषिया ने कहा, ‘‘हमारे हर कार्य का केंद्र ड्राईवर पार्टनर हैं और उनके साथ हमारे इंगेज़मेंट के दौरान उन्होंने बार बार एक मजबूत सुरक्षा जाल, खासकर अच्छी हेल्थकेयर की जरूरत के बारे में बात की। दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी हेल्थकेयर स्कीम, आयुश्मान भारत के साथ हमारी साझेदारी इस जरूरत को पूरा करती है। यह न केवल ड्राईवर एवं डिलीवरी पार्टनर्स के लिए हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्षित करती है, बल्कि इससे उनके परिवार के सदस्यों को हेल्थकेयर के फायदे प्रदान करने का हमारा संकल्प भी प्रदर्षित होता है।’’
पिछले कुछ महीनों में ऊबर ने अनेक अभियान प्रारंभ किए हैं और कुछ हाई प्रोफाईल पार्टनरषिप्स की हैं, जो ड्राईवर एवं डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इसकी प्रतिबद्धता प्रदर्षित करती हैं। जनवरी में ऊबर ने ड्राईवर सेफ्टी टूलकिट लॉन्च किया, जो ड्राईवर पार्टनर्स के लिए इन-ऐप सुरक्षा विषेशताओं का विस्तृत सेट है। इससे पूर्व ऊबर केयर के तहत, ड्राईवर एवं डिलीवरी पार्टनर्स को लाईफ इंष्योरेंस एवं माईक्रो लोन की उपलब्धता सुनिष्चित की गई।


